तू जिगरी दोस्त है मेरा, और यही सच्चाई होती है।
जिसके साथ रहते हैं उसकी कीमत बढ़ा देते हैं..!
न चाहत, न मोहब्बत, बस तेरी दोस्ती चाहिए,
“तेरी यारी दिल की धड़कन, तेरा प्यार जान की पहचान।”
तेरे बिना हर रास्ता बेसहारा सा लगता है।
वक़्त की यारी तो हर कोई करता है मेरे Dosti Shayari दोस्त,
वो अब टूटकर गिर गया है, जैसे कांच का टुकड़ा।
एक तू भी शामिल है मेरी कमज़ोरियों में।
तेरे बिना ये ज़िंदगी अधूरी सी लगती है।
एक गली से गुज़रे तो पुराने दोस्त मिल गए!!
“जैसे पुरानी तस्वीरें, वैसी ही दोस्ती।”
साथ रहें दोनों, चाहे ये दुनिया बिखर जाए सारा।
तू मेरा अनमोल दोस्त, सच्चा और प्यारा है।
कौन कहता है कि दोस्ती बराबरी में होती है,